[1]
V. Nautiyal and N. Upreti, “इक्कीसवीं सदी के समकालीन युग में अनामिका और कात्यायिनी की हिंदी कविताओं में ग्रामीण बोध एवं लोक संस्कृति”, DMP.LNMR, no. IMPACT26, pp. 1441–1446, Jul. 2026, doi: 10.65890/dmp.lnmr.IMPACT26.179.